प्रकृति का प्रतिशोध
अच्छा करोगे अच्छा होगा बुरा कार्य का बुरा नतीजा
मानव ने नही समझा होगा और भोग विलाश में डूबा होगा ,
तब प्रकृति ने सोचा होगा इस बार हथियार कोरोना होगा।
कुछ न कुछ सन्देस दिया होगा मानवी कानो ने सुना होगा,
फिर भी अनसुना किया होगा यही तुम्हारा रोना होगा,
तब प्रकृति ने सोचा होगा इस बार हथियार कोरोना होगा।
हर देश खुद को शक्तिशाली दिखाता, कोई नरमी में नही रह पाता,
सारी दुनिया को हुआ गुमान हम ही श्रेष्ट हम ही महान
भुगत रहे हो उसका अभिशाप अभी वक्त है खुद को
देखो सारी दुनिया से यह कह दो,अभी तो सिर्फ कोरोना है ,
प्रकृति के इस प्रतिशोध में अभी आने कई और कोरोना है ।
✍️Mr.RED
नीलम शर्मा
05-Jun-2021 12:12 PM
Very nice ji👌🙏
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Mr.RED(मनोरंजन)
05-Jun-2021 04:28 PM
Thanks🙏
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Aliya khan
05-Jun-2021 09:53 AM
Nice
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Ravi Goyal
05-Jun-2021 09:52 AM
बिल्कुल सही कहा आपने 👌👌
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